कुत्ते की आखिरी निशानी।

 


कुत्ते की आखिरी निशानी

दो दोस्त शराब के पैग लेते 

हुए आपस में बातें कर रहे थे।

एक ने पूछा,

“भाभी से तुम्हारी पहली 

मुलाक़ात कैसे हुई?”

दूसरे ने जवाब दिया,

“कुत्ते की वजह से।”

पहला दोस्त हैरान होकर बोला,

“वो कैसे?”

वह बोला,

“मैं अपने कुत्ते को पार्क में 

टहला रहा था। रास्ते में वह 

मिली। उसे मेरा कुत्ता बहुत 

पसंद आ गया। उसने मुझसे पूछा 

कि क्या मैं कुत्ता बेचूँगा। 

मैंने मना कर दिया। 

फिर बातचीत बढ़ी, नंबर लिए गए 

और हम अपने-अपने रास्ते 

चले गए।”“फिर?” दोस्त ने पूछा।

“फिर रोज़ बात होने लगी। 

वह अक्सर कुत्ते की तारीफ़ 

करती और उसे खरीदने की 

बात करती रहती। एक दिन मैंने 

मज़ाक में कहा कि क्यों न 

हम दोनों शादी कर लें, 

इस तरह कुत्ता हम दोनों के 

पास रहेगा। वह मान गई 

और हमारी शादी हो गई।”

“अरे वाह, फिर?”

“कुछ साल बीत गए। एक बेटा 

और एक बेटी भी हो गई।”

“फिर क्या हुआ?”

“एक दिन कुत्ता मर गया। 

मैंने अपनी पत्नी से पूछा — 

हमारी शादी तो कुत्ते की वजह से 

हुई थी, अब वह नहीं रहा, 

तो क्या तुम मुझे छोड़ दोगी?”

दोस्त ने उत्सुकता से पूछा,

“फिर उसने क्या कहा?”

वह बोला,

“उसने कहा — तुम्हें छोड़ने का 

तो मैं सोच भी नहीं सकती,

क्योंकि तुम मेरे प्यारे कुत्ते की 

आख़िरी निशानी हो।”



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