लोगों की बकवास पर ध्यान ना दो।

 लोगों की बकवास पर ध्यान ना दो।



एक कामकाजी महिला के घर का एसी अचानक जवाब दे गया।

उन्होंने एसी मैकेनिक को फोन लगाया—


“मैं सीमा वर्मा बोल रही हूँ… शास्त्री नगर सेक्टर-B, क्वार्टर नंबर 21 से।

मेरा एसी बिल्कुल ठंडा नहीं कर रहा है।


मैं दोपहर में ऑफिस चली जाऊँगी, तुम उसी दौरान आकर ठीक कर देना।

घर पूरा लॉक रहेगा, सिर्फ हॉल खुला होगा।


मेन गेट की चाबी बाहर दूसरे गमले के नीचे रखी मिलेगी।

ताला खोलकर सीधे हॉल में लगे एसी पर काम करना है।


हाँ… एक बात और—

हॉल में एक डाबरमैन कुत्ता होगा। बंधा नहीं होगा, पर घबराना मत।

वो बहुत ट्रेंड है, बिना आदेश कुछ नहीं करता।


और एक पिंजरे में तोता है…

बहुत बोलता है, लेकिन उससे एक शब्द भी मत कहना।

काम हो जाए तो घर लॉक करके चाबी फिर उसी गमले के नीचे रख देना।

शाम को मैं पेमेंट कर दूँगी।


फिर दोहरा रही हूँ—

तोते से बात मत करना… वरना खुद जिम्मेदार होगे!”


दोपहर को मैकेनिक आया।

ताला खोला तो सोफे के पास एक विशाल डाबरमैन पसरा हुआ था।

उसे देखकर मैकेनिक का कलेजा मुँह को आ गया,

लेकिन कुत्ता बस आँख खोलकर देखा… और फिर ऊँघने लगा।


मैकेनिक ने राहत की साँस ली और आगे बढ़ा।

तभी पिंजरे से आवाज आई—


“ओए चोर! क्या कर रहा है रे!”


मैकेनिक चौंका।

तोता पूरे जोश में था।


कभी चिल्लाता— “चोर!”

कभी— “मोटा भैंसा!”

कभी ऐसी-ऐसी गालियाँ कि कान सुन्न हो जाएँ।


पूरे दो घंटे तक, जब तक एसी ठीक नहीं हुआ,

तोता लगातार बकबक करता रहा।


कई बार मैकेनिक का मन हुआ कि पेंचकस से ही हिसाब बराबर कर दे,

लेकिन मैडम की चेतावनी याद आते ही खुद को रोक लिया।


काम खत्म हुआ।

मैकेनिक सामान समेटने लगा।

तभी तोता फिर बोला—


“ओए चोर… साले!

क्या चुराया आज? बता ना!”


अब सब्र का बाँध टूट गया।


मैकेनिक बड़बड़ाया—

“मैडम बेकार में डराती हैं।

पिंजरे में बंद तोता मेरा क्या बिगाड़ लेगा!”


वह गुस्से में पेंचकस लेकर तोते की तरफ बढ़ा—

“रुक साले, अभी मज़ा चखाता हूँ!”


इतना सुनते ही तोता पूरी ताकत से चिल्लाया—


“छू… टॉमी!

छू टॉमी… छू-छू!!!”


अगले ही पल,

सोफे से बिजली की तरह उठा डाबरमैन!


मैकेनिक ने पेंचकस फेंका,

रिकॉर्ड टाइम में घर से बाहर निकला,

और ऐसा भागा कि आज तक सीधा दौड़ते ही जा रहा यू7 है।


कहते हैं—

एसी तो ठीक हो गया,

लेकिन मैकेनिक आज भी तोते की आवाज़ सुनकर काँप जाता है 😂😂

You said:
एक कामकाजी महिला के घर का ए सी खराब हो गया । उसने मेकैनिक को फोन किया... " मैं मिसेज़ दुबे बोल रही हूँ ...नेहरू नगर पारिजात एक्सटेंशन Q .NO . HIG B/16 से.....मेरा हाल में लगा ए सी काम नहीं कर रहा है...तुम दोपहर को मेरे आफिस जाने के बाद आ कर ठीक कर देना ...पूरा घर लाॅक रहेगा ...सिर्फ हाल खुला रहेगा । मेन डोर की चाबी बगल में दूसरे गमले के नीचे होगी...! ताला खोलकर हाल में लगा ए सी ठीक करना है...! हाल में एक डाबरमेन कुत्ता होगा जो बंधा नहीं होगा...पर डरना मत ...वो ट्रेण्ड कुत्ता है...जब तक कोई आदेश सुनाई न दे वह कुछ नहीं करता ...! वहाँ पिंजरे में एक तोता है....बहुत बोलता है ..पर तुमको उसे एक शब्द भी नहीं कहना है....! काम खत्म होने के बाद हाल को लाॅक करके चाबी उसी गमले के नीचे दबा देना....! मैं शाम को आफिस से लौटते समय तुम्हारा पेमेण्ट कर दूँगी......ठीक है...? एक बार फिर बोल रही हूँ.......तोते को एक शब्द भी मत कहना . ..वर्ना तुम खुद भुगतना.... ! ठीक है...!! " दोपहर मेकेनिक , हाल का ताला खोलकर अंदर आया तो सोफे के पास एक खतरनाक डाबरमेन कुत्ता लेटा हुआ था जिसे देखकर वह सहम गया , पर कुत्ता एक बार उसकी ओर देखने के बाद फिर ऊँघने लगा । जब आगे बढ़ा तो तोता चालू हो गया ..." अबे चोर. ..क्या कर रहा है बे....." ! और पूरे दो घंटे तक , जब तक ए सी बन नहीं गया , पूरे समय चिल्ला चिल्ला कर मेकेनिक के नाक में दम कर दिया...! कभी उसे चोर कहता .....कभी ' मोटा भैंसा ' कहता ....कभी गन्दी गाली देता...! एकाध बार तो मेकेनिक इतना परेशान हो गया कि उसे पेंचकस से कोंचने का मन बना लिया....! पर मैडम की हिदायत आद आते ही मन मसोसकर रह गया ...! काम खत्म होने के बाद जब सामान समेट कर जाने लगा तभी तोता ने फिर चिढ़ाया...." अबे चोर... .मोटा साले....क्या चुराया बे .....? " अब तो मैकेनिक के लिए सहना मुश्किल हो गया....! वह सोचा कि मैडम खामखा डरा रही थी....! भला पिंजरे में बंद तोता मेरा क्या उखाड़ लेगा...? अपना पेंचकस निकाल कर वह तोते की ओर बढ़ा...." साले हरामखोर तोते....रूक साले बताता हूँ.....!! " मैकेनिक का इतना बोलना था कि , तोता गला फाड़कर चिल्लाया........ " छू.. .टामी...छू...! टामी....छू..छू...!! " मेकेनिक अपनी जान बचाकर भागा लेकिन आज तक सदमे में है ! इसी मजेदार tune me copyright free Karke likho
Ch


एक कामकाजी महिला के घर का ए सी खराब हो गया । उसने मेकैनिक को फोन किया... " मैं मिसेज़ दुबे बोल रही हूँ ...नेहरू नगर पारिजात एक्सटेंशन Q .NO . HIG B/16 से.....मेरा हाल में लगा ए सी काम नहीं कर रहा है...तुम दोपहर को मेरे आफिस जाने के बाद आ कर ठीक कर देना ...पूरा घर लाॅक रहेगा ...सिर्फ हाल खुला रहेगा । मेन डोर की चाबी बगल में दूसरे गमले के नीचे होगी...! ताला खोलकर हाल में लगा ए सी ठीक करना है...! हाल में एक डाबरमेन कुत्ता होगा जो बंधा नहीं होगा...पर डरना मत ...वो ट्रेण्ड कुत्ता है...जब तक कोई आदेश सुनाई न दे वह कुछ नहीं करता ...! वहाँ पिंजरे में एक तोता है....बहुत बोलता है ..पर तुमको उसे एक शब्द भी नहीं कहना है....! काम खत्म होने के बाद हाल को लाॅक करके चाबी उसी गमले के नीचे दबा देना....! मैं शाम को आफिस से लौटते समय तुम्हारा पेमेण्ट कर दूँगी......ठीक है...? एक बार फिर बोल रही हूँ.......तोते को एक शब्द भी मत कहना . ..वर्ना तुम खुद भुगतना.... ! ठीक है...!! " दोपहर मेकेनिक , हाल का ताला खोलकर अंदर आया तो सोफे के पास एक खतरनाक डाबरमेन कुत्ता लेटा हुआ था जिसे देखकर वह सहम गया , पर कुत्ता एक बार उसकी ओर देखने के बाद फिर ऊँघने लगा । जब आगे बढ़ा तो तोता चालू हो गया ..." अबे चोर. ..क्या कर रहा है बे....." ! और पूरे दो घंटे तक , जब तक ए सी बन नहीं गया , पूरे समय चिल्ला चिल्ला कर मेकेनिक के नाक में दम कर दिया...! कभी उसे चोर कहता .....कभी ' मोटा भैंसा ' कहता ....कभी गन्दी गाली देता...! एकाध बार तो मेकेनिक इतना परेशान हो गया कि उसे पेंचकस से कोंचने का मन बना लिया....! पर मैडम की हिदायत आद आते ही मन मसोसकर रह गया ...! काम खत्म होने के बाद जब सामान समेट कर जाने लगा तभी तोता ने फिर चिढ़ाया...." अबे चोर... .मोटा साले....क्या चुराया बे .....? " अब तो मैकेनिक के लिए सहना मुश्किल हो गया....! वह सोचा कि मैडम खामखा डरा रही थी....! भला पिंजरे में बंद तोता मेरा क्या उखाड़ लेगा...? अपना पेंचकस निकाल कर वह तोते की ओर बढ़ा...." साले हरामखोर तोते....रूक साले बताता हूँ.....!! " मैकेनिक का इतना बोलना था कि , तोता गला फाड़कर चिल्लाया........ " छू.. .टामी...छू...! टामी....छू..छू...मेकेनिक अपनी जान बचाकर भागा लेकिन आज तक सदमे में है ! इसी मजेदार tune me copyright free Karke likho
Cha


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